नारी का स्वरूप

नारी का स्वरूप

नारी का स्वरूप
नारी तेरे कई हैं रूप
तू देवी का है प्रतिरूप
तू जननी है तू भगिनी है तू अन्नपूर्णा का है स्वरूप
नारी तेरे कई है रूप।।
तू दोस्त है तू मित्र है
तू एक पवित्र चरित्र है तू अर्धांगिनी तू स्वरागीनी तू ममता का है स्वरूप
नारी तेरे कई है रूप।।

तू बेटी अपने दलहीज़ की
तू लाड़ली मनमोहक है ।
तू ज्ञान की मूरत है
तेरा किरदार रोचक है
तू सब घर की मुख्य किरदार है
तू ही तो बेमिसाल है
नारी तेरे कई है रूप
तू देवी का है प्रतिरूप।।

THG006

Ankita Virendra Narayan Shrivastava

IG ankitavshrivas

Entry No. THG006

Date: 12th Oct 2020

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Life

You entered my life
As a ray of hope
You saw an angel in me
While others saw the devil in me
You were like a breath of fresh air
Someone who made me happy
And knew me in and out
I wish we weren’t forbidden to love each other
But fate had other plans for us
And our love was forbidden
It hurts me like a knife stabbing my heart.
I love you forever and I always will

THG006

~Navya

Entry No: THG005

Date: 12th Oct 2020

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Unless It’s You & Me

Unless It's You & Me

That day,
The encounter of our eyes,
Showed me paradise.
You just smacked me twice,
And all I got was that energy divine.
You craved for me,
And unleashed your love for me.
The first time we made it,
It was like a hurl.
Like shy moonbeams,
Just lights the bliss.
Now I don’t want to feel another fire
unless it’s you and me.
I don’t want another touch,
Unless it’s you and me.
I don’t want another smack,
Unless they are your labors.
I’ll never love again,
Unless it’s you and me.

THG004

©️her.scribbled.stories
©️Amruta_Varun

 

Entry No. THG004

Poetry type: Mixed Consonance and assonance rhyme with free verse.

Date: 12th Oct 2020

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उम्मीद

:—प्रेमी—:

 तू मिल जाए किसी मोड़ पर,
बस इसी उम्मीद मे जिए जा रहा हूँ…
यूँ तो महखाने से दोस्ती अच्छी नहीं
मेरी जान,
फ़िर भी तेरी याद मे पिए जा रहा हूँ..

 वो बेपरवाह दिन- वो बेचैन रातें अब
दोनो को खोजा करती है,
वो मेरे लिए व्रत- अपने लिए रोज़ा
रखती है….
 मेरी उम्मीदों में तुझे- मैनें इस कदर दबा रखा है,
तेरा पहला गुलाब भी- मेरी किताब
में लगा रखा हैं….

 ये दिल आज भी तेरे नाम पे ही
धड़कता है- ये होंठ आज भी तेरी
ही तस्वीर चूमा करते हैं,
 मेरे शब्द लिखते हैं बस तेरा ही नाम-
मेरे घर के आईने भी अब तेरा ही
अक्स ढूंढा हैं….

 

:—प्रेमिका—:

 उम्मीद है की तू फ़िर मेरी गलियों मे आएगा

 उम्मीद है की तू मुझे फ़िर से पुकारेगा,
 मैं दौड़कर कुछ यूँ चली आऊंगी-
लिपट जाऊंगी तेरे सिने से और तेरी
बाहोँ में ही रह जाऊंगी….

Insta- @kabiryashhh

photo kabir yashBy Kabir Yashhh

Entry No. THG03

Date 10-09-2020

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एक गुजारिश

एक गुजारिश

एक गुजारिश

उससे जिसकी कमी उसके ,
होने पर भी खलती रही।
जिन्दगी इन्तजार बन यू ही चलती रही,
जब मेरी काया का ये ढेर खाक बन जाये,
तो तुम अपने हाथों में गुलाब लिए ,
चले आना मेरी कब्र पर।
फिर से उस प्यार की खुशबू फैलाने,
जिसके लिए में जीवन भर तरसती रही।
छूकर अपने हाथों से फिर ,
मुझे एक बार जीने का एहसास दिला देना,
फिर वो फूलो की माला मेरी कब्र पर चढ़ा,
मेरी रूह को सात जन्म के बन्धनों,
वो सात फेरे याद दिला देना।
बस एक गुजारिस है तुमसे ,
जब तुम आओ तो अकेले ही आना,
तोहफा वक्त का साथ लाना।
ताकि चन्द लम्हे गुजार सकूँ,
और बटोर सकूँ उस एहसास को
रूह बन रूह तक समा सकूँ ,
के तुम सिर्फ और सिर्फ मेरे हो।

 

©️कविता जयेश पनोत

Challenge: Writer of the Month

Entry No.THG002

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Vegetable Seller

Vegetable Seller

It’s late for the morning!
To sell all his Corning,
His voice in street,
Tell him which Vegetable you need,
Onion, Potato, or Green!
Have you ever seen it?
He works in bright,
Having income as delight,
Not for him,
To fulfill his childhood dream,
From morning till night,
He works very tight,
Empty cart sometimes,
Make a smile on his face and he shines,
He is a vegetable seller,
Not a diamond but a jeweler,
He knows the value of green,
Market value and health value he means.

-Written By Nisha

Challenge: Writer of the Month

Entry No.THG001

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अतीत

अतीत

अतीत से जुड़ा हुआ
पाप् जो किया तूने
पश्यताप की आग में
आग में भुनेगा वो तुझे
आग की बरसात में
वो अंधेरी रात में
मर रहा था वो जान
उसपर भी ना दिया तूने ध्यान
मार दिया तूने उसे
कुछ रुपये के जाल में
जल रहा वो दिल तेरा
पश्यताप की आग में
अब पता चलेगा तुझे
त्याग के दायरे
जब सिखाएगी ये प्रकृति
अपने कायदे।

Fable myths

मैंने बस एक सोच को शब्द का रूप दिया है।
इसमें मैने लिखा है कि एक डॉक्टर ने पैसे की कमी के कारण
एक बीमार बच्चे की माँ को उसके उपचार की लिए मना कर दिया।
अब प्रकृति उसे उसके किये पर उसे दंड देगी तथा उसे त्याग का मतलब समझाएगी।

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त्याग

त्याग

त्याग
इतनी क्यूँ क़ुरबत है चाँद से,
जो रोशन है किसी और के दम पर।

राब्ता उन तारों से रखो,
जो टूटते हैं,
के मुकम्मल हो दुआ तुम्हारी।

-अनूप शाह
IG: anup.154

SACRIFICE THE SACRIFICE

SACRIFICE THE SACRIFICE

Don’t sacrifice yourself to the sacrifices,
Don’t take all those maniacal crises…
Keep it simple keep it straight,
Hide your NameShow till your fame rises…

Fall for your own passion,
Don’t fall for the transient fellows…
Stick to your goals ‘Mate’,
Don’t go to the rubbish mellows…

Leave all the unbelievers- Just believe your own senses,
Don’t go too far to cultivate the brain- Be in your own senses…
Go for the best strengths you have,
Don’t reveal anything to all those three tenses…

Sacrifice to the dreams of your own dreamland,
Don’t act for another’s wasteland…
Sacrifice to quit yourself for the selfish Living ‘Deads’,
Make it happen all the time and Shut all those chattering ‘Heads’…

✍@kabiryashhh✍

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