Poetry

अग्निपरीक्षा

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स्त्रियाँ ही देती आयी हैं

हमेशा

अग्निपरीक्षा

कभी किसी पुरूष से नहीं हुआ

पुरूष ने

केवल जन्म दिया,

उन कारकों को,

जो स्त्री को

विवश करें,

देने के लिए कोई

अग्निपरीक्षा

और उस परीक्षा के बाद

सत्य के भार को,

केवल धरा में ही समाना पड़ा

क्यूंकि परीक्षा में सफल स्त्री,

पुरूष के अहम पर

चोट करती है,

इसीलिए एक भीरू दुस्साहसी

पुरूष के अहम को

जीवित रखने के लिए,

केवल स्त्रियाँ ही

देती आयी हैं ,हमेशा

अग्निपरीक्षा ।।

स्वरचित

By : Deepa Gupta

https://thehindiguruji.com/category/blog/

About Post Author

Sachin Gupta

Law graduated in 2019, Practicing as an advocate in Delhi. Presently, I want to post my ideas.
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