कर्म करतें जा

अपना कर्म करतें जा

जब राह मुश्किल हो,
उम्मीद मत करो क्योंकि अब आप भी अपने आधे रास्ते हैं!
जब पथ कठिन हो, तो अधिक दृढ़ निश्चय करो।
जब पथ कठिन हो तो अधिक ध्यान केंद्रित करें!
समाधान नहीं मिल पा रहा है!
खुद को व्यक्त करने में सक्षम नहीं!
शुद्धता को परिभाषित करने में सक्षम नहीं!
परिस्थितियों से निपटने में सक्षम नहीं!
क्या आप पूरी तरह से खाली हैं?
क्या आप हर चीज से तंग आ चुके हैं?
क्या आप पूरी तरह से उदास हैं?
क्या आप पथहीन हैं?
क्या तुम गोलमटोल हो?
अपने जीवन में कोई उम्मीद नहीं है?
क्या आप सभी बुरे के लिए दोषी हैं?
क्या आप सबसे बुरे हैं?
या इसके विपरीत भी!
बस शांत रहो और भगवान पर भरोसा रखो!
सब कुछ ठीक हो जाएगा!
सब कुछ उसकी सहमति से होता है!
उसे सब कुछ पता है!
बस उस पर भरोसा रखो और खुश रहो!
वह, सर्वशक्तिमान ईश्वर सब जानता है!
तो ठंड, आशा मत ढीली!
बस तुम कर्म करो और ठीक हो जाओ!
सकारात्मक रहें और अपना काम करें!
क्या हुआ, क्या चल रहा है और क्या होगा, इस बारे में सोचना बंद करो!
बस चलते रहो और समर्पित रहो,
बस शांत रहें और काम करते रहें!
क्योंकि भगवान यह सब जानता है,
क्योंकि कर्म यह सब देखता है!
जब रास्ता कठिन हो,
घबराओ मत!
अरे जीवन में रास्ता नहीं निकल रहा है,
पथ आपके जीवन में कठिन है!
समर्पित और आशान्वित रहें,
आशा और धैर्य ढीला मत करो!
बस आगे बढ़ते रहो,
बस अपनी पूरी शक्ति और क्षमता के साथ काम करते रहो!
दृढ़ रहें और आरक्षित रहें,
सभी नकारात्मक विचारों से दूर रखें!
बस सकारात्मक रहें और काम करते रहें,
एक दिन आप निश्चित रूप से अपने लक्ष्यों तक पहुँचने में सक्षम होंगे और एक दिन सफल होंगे!
घबराएं नहीं और काम करते रहें,
आप निश्चित रूप से सफल होंगे,
आप निश्चित रूप से अपना रास्ता पार कर पाएंगे और एक दिन बहुत सफल हो जाएंगे!
इसलिए जब रास्ता कठिन हो,
चुनौती स्वीकार करें और अपने कर्म के लिए समर्पित रहें और आप निश्चित रूप से एक दिन एक महान विजेता होंगे!

©दीपशीखा अग्रवाल!

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