ऐ हमसफर माफ करना

बस एक काम करना उन खतों को मत राख करना,सफर ये तेरा मेरा बस यही तक था,
ऐ हमसफर चल अब अलविदा….

शुक्रिया तेरे साथ का, शुक्रिया तेरे सतग बिताए हर पल, हर दिन, हर रात का,
शुक्रिया तेरे होठो से निकली हर एक बात का,
ये सिलसिला बस यही तक था,
ऐ हमसफर चल अब अलविदा….

जा रहा हूँ अपनी कुछ यादें छोड़ कर,
अपनी प्यारी सी कुछ शोगाते छोड़ कर,
वैसे तो हर पल रहूंगा साथ तेरे मैं,
तेरा साया बनकर चलूंगा साथ तेरे मैं,
हमारी ये कहानी अभी खत्म नही हुई, ये छोटा सा किस्सा बस यही तक था,
ऐ हमसफर चल अब अलविदा….

अब फिर मुलाकात होगी अम्बर के उस शहर मे,
दूर टिमटिमाते सितारों के उस बहर में,
हमारे अलावा और कोई न होगा उन सितारों की लहर में,
अगले जन्म में फिरसे साथ निभाना हैं, इस जन्म का साथ बस यही तक था,
ए हमसफर चल अब अलविदा…….

सन्नी रोहिला।

काश किसी दिन तुझसे यूँ मुलाकात हो…..

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