Hindi Poetry

खालीपन

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अजीब खालीपन हैं,
अब महसूस होता हैं।
न नाम का नशा,
न काम की चाह।।

न जाने अब ये क्या हैं,
न जाने अब ये कयूँ हैं।
बस कुछ खामोश पल,
कुछ सिसकती रातें।।

कुछ मंजिल बिना की राहें,
कुछ खामोश यादें।
जो अब ये सवाल करतीं हैं,
कया तुम वही हो?
©दीपशीखा अग्रवाल! 😍
@SOME_WRITINGS_UNSPOKEN! ❤

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