तुझे लिखना तो चाह रहा हूँ पर लिख नही पा रहा हूँ…..

तुझे लिखना तो चाह रहा हूँ,
पर लिख नही पा रहा हूँ…

तू ही दिख रही हैं मुझमे कही,
खुद को आईने में देखना तो चाहता हूँ,पर दिख नही पा रहा हूँ….

इस दुनिया में अब घुटन सी होने लगी हैं,
खुद को छिपाना चाहता हूँ दुनिया से, पर छिप नही पा रहा हूँ….

तुंझे लिखना तो चाह रहा हूँ,
पर लिख नही पा रहा हूँ….

-सन्नी रोहिला

हकीकत

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