दोस्ती

दोस्ती

दोस्ती की मिसाल हर युग में दी जाती है,
चाहे वो हो कृष्ण सुदामा की दोस्ती या,
हो दुर्योधन कर्ण की दोस्ती,
दोस्ती सिर्फ सुख में नहीं,
दुःख में भी साथ निभाती है,
राह गलत हो या सही ,
अंतिम साँस तक साथ निभाती है,
कर्ण जानकर भी अधर्मी दुर्योधन का साथ देते रहें,
अपने दोस्तीके ऋण को उतारने के लिए अपने प्राण तक अर्पित कर दिए,
कृष्ण ने अपने सखा सुदामा की दरिद्रता पल भर में दूर कर दी,
अर्जुन और कृष्ण जी एक दूसरे के सखा भी थे,
इसलिये हर पग पर कृष्ण ने अर्जुन रक्षा भी की और विजय के पथ का मार्ग दर्शन भी किया।
सच्चा दोस्त वही है जो अपने मित्र की भलाई के बारे में सर्वप्रथम सोचें,
और मित्र को उन्नति और विजय के मंज़िल तक पहुँचाये।

✒️Alok Santosh Rathaur
@ehsaas_ki_awaaz

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