नारी का स्वरूप

नारी का स्वरूप
नारी तेरे कई हैं रूप
तू देवी का है प्रतिरूप
तू जननी है तू भगिनी है तू अन्नपूर्णा का है स्वरूप
नारी तेरे कई है रूप।।
तू दोस्त है तू मित्र है
तू एक पवित्र चरित्र है तू अर्धांगिनी तू स्वरागीनी तू ममता का है स्वरूप
नारी तेरे कई है रूप।।

तू बेटी अपने दलहीज़ की
तू लाड़ली मनमोहक है ।
तू ज्ञान की मूरत है
तेरा किरदार रोचक है
तू सब घर की मुख्य किरदार है
तू ही तो बेमिसाल है
नारी तेरे कई है रूप
तू देवी का है प्रतिरूप।।

THG006

Ankita Virendra Narayan Shrivastava

IG ankitavshrivas

Entry No. THG006

Date: 12th Oct 2020

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