बधाई एवं शुभकामनाएं

बधाई एवं शुभकामनाएं

माता पिता जी के वैवाहिक वर्षगांठ पर उनको बधाई एवं शुभकामनाएं

अपने माता पिता जी के वैवाहिक वर्षगांठ पर उनको बधाई एवं शुभकामनाएं देकर उनके व्यक्तित्व को बतलातें है,
उनकें आदर्शों के पद चिह्नों पर चलकर अपना जीवन सफलता की ओर बढ़ाते है,
सूर्योदय से पूर्व उठकर योगाभ्यास एवं अन्य क्रियाएं वे करते है,
तत्पश्चात स्नान कर नित्य प्रतिदिन वैदिक विधि से देवयज्ञ सम्पन्न करते है,
हवन में खीर की आहुति के पश्चात उस खीर का थोड़ा सा अंश भाग पंछियों के लिए रख देते है,
हवन के बाद ही अन्न को ग्रहण करते है,
फिर अपने व्यवसाय पर ध्यान दिया करते है,
अनेकों चिंताओं के बावजूद वह घर का अच्छे से ख़याल रखते है,
माँ खाना बनाकर बच्चों को खिलाती है,
फ़िर घर के अन्य कार्यो में व्यस्त हो जाती है,
थक हारकर कभी कभी कुछ पल के लिए थकान उतार पाती है,
माँ हमेशा ईश्वर का गुणगान कर उनकी इस्तुति में लीन रह कर अपने कार्य सम्पन्न करती है,
पिता जी व्यवसाय के अलावा समय समय पर समाज में भी अपना योगदान देते है,
वृद्धाश्रम, बालकों का छात्रावास एवं अन्य संस्थानों पर आर्थिक और शारिरिक रूप से हर मदद पहुँचाते है,
कैसी भी संकट की घड़ी हो ईश्वर पर अटूट विश्वास रखते है,
अपने माँ बाप का वह ससम्मान आदर सत्कार कर अपने कर्तव्य का हर पालन बख़ूबी से निभाते है।
मेरे माता पिता जी ने हर पल संघर्ष कर अपने परिवार को संभाला है,
अपने प्रेम के अटूट बंधन से सभी संबंधों को जोड़े रखा है।
बस ईश्वर से हम बस यही मनोकामना करते है,
मेरे माता पिता के आशीर्वाद का साया सदैव मुझपर यूँही बना रहे,
उनकी सेवा कर मैं भी उनके जैसा बनकर अपने कर्त्तव्यों का निरंतर पालन करने में सक्षम हो पाऊँ।

✒️Alok Santosh Rathaur
@ehsaas_ki_awaaz

विषय मैं निहारती

News Updates

Leave a Reply

%d bloggers like this: