भावना एहसास

भावना एहसास

इन आँख की बारिश को, जो पानी कहता है,
एहसास के मंज़र है, जो झूम के बरसता है।
कोहराम जो दिल में मची रहती है अक्सर
वही फुटकर तो ज्वालामुखी बनता है।

जिस रोज़ ये दिल को एहसास न होगा
याद रख, तू भी कभी पास न होगा
दुआ भी तेरे , कभी काम न आएगी,
तू भी खातिर मेरे, कोई खास न होगा।

नाज़ुक से दिल को, कभी दर्द न पहुंचाना।
वरना आंसुओं की, बरसात नज़र आएगी।
सराबोर हो जाएगी, ये रूह भी तेरी,
ये बवंडर फिर एक दिन, तुझे बहा ले जाएगी।

बंजर सी ज़मीन, बन कर रह जायेगी।
उजड़े चमन में, कली भी न आएगी
तड़प तड़प कर निकल जायेगी रूह
एहसास जब तेरे दिल से निकल जायेगी
दुनिया तुझे सिर्फ, देखते रह जायेगी।
तड़प तड़प कर निकल जायेगी रूह
दुनिया तुझे सिर्फ, देखते रह जायेगी।

©️Nilofar Farooqui Tauseef
Fb, IG-writernilofar

भावना एहसास

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