मैं तुमसे बेहतर हूँ मगर….

मैं तुमसे बेहतर लिखता हूँ, पर जज्बात तुम्हारे अच्छे है
मैं तुमसे बेहतर दिखता हूँ, पर अड़ा तुम्हारी अच्छी है
मैं खुश हरदम रहता हूँ, पर मुस्कान तुम्हारी अच्छी है
मैं अपने उसूलों पर चलता हूँ,पर जिद तुम्हारी अच्छी है
मैं एक बेहतर शख्सियत हूँ,पर सीरत तुम्हारी अच्छी है
मैं तुमसे बहुत बहस करता हूँ, पर दलीले तुम्हारी अच्छी है
मैं तुमसे बेहतर गाता हूँ,पर धुन तुम्हारी अच्छी है
मैं जितना कुछ भी कहता हूं, पर हर बात तुम्हारी अच्छी है

Written by :- सखा

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