मैं मुसाफ़िर सा…

मैं मुसाफ़िर सा…
पा लिया सबकुछ,
खुद खो सा गया हूँ मैं,
अब दर-बदर भटकता मैं मुसाफ़िर सा…..

मिल जाऊ कही खुद ही,
ढूँढू यहाँ वहाँ खुद को मैं,
खुद की तलाश करता मैं मुसाफ़िर सा……

सन्नी रोहिला…

Also Read..

Authors

Leave a Reply

%d bloggers like this: