मुलाकात

यूँ मुलाकात

एक आस है,
कि तुमसे यूँ मुलाकात हो जाये।
कि तेरी बाहों में सिमट जाऊं,
मेरा इंतजार मुक्कमल हो जाये।।
दर बदर भटका हूँ तेरी कसम तेरी राह में,
कभी देखूं तुझे तो अश्क़ आखों से निकल आये।
और लिपट जाऊं तेरे सीने से इस कदर,
कि मेरा जुनून भी तेरा हो जाये।।
कि गर तुमसे मुलाकात हो जाये।।

By: Yogesh Sharma

पहली मुलाकात

मुलाक़ात अधूरी है साहब

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