Hindi Poetry

वो‌ चला‌ गया

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वो‌ चला‌ गया

वो कहता रहा जिंदगी अनमोल हैं,
अब खुद जिंदगी छोड़ गया हैं।

वो कहता रहा तुम्हें हर हाल में जीना हैं,
अब खुद जिंदगी से नाता तोड़ गया।

वो कहता रहा जिंदगी उमंग हैं,
अब खुद करोड़ों लोगों की उम्मीदें तोड़ गया।

वो कहता रहा जिंदगी आसान नहीं,
अब खुद जिंदगी से इतनी आसानी से हार मान गया।

वो कहता रहा जिंदगी जीऔ,
अब खुद ही जिंदगी जीना भूल गया।

वो कहता रहा हिम्मत मत हारो,
अब खुद ही हिम्मत हार‌ गया।

वो कहता रहा जिंदगी जीना सीखों,
अब खुद ही जिंदगी जीना भूल गया।

वो कहता रहा जिंदगी के उतार चढ़ाव से हार न‌ मानों,
अब खुद ही हार मान गया।

वो कहता रहा खुदकुशी कोई हल नहीं,
अब‌ खुद ही आज‌ अपनी बात भूल गया।

वो सबका‌ चहीता था, जिंदगी जीना जानता था,
मगर‌ आज सबको‌ नाउम्मीद कर‌ हमेशा के लिए वो चला गया।

ओम् शांति!

#सुशांत सिंह राजपूत

एक वादा ऐसा भी

वो‌ चला‌ गया

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Sachin Gupta

Law graduated in 2019, Practicing as an advocate in Delhi. Presently, I want to post my ideas.
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