शब्दो का आईना माँ,

देखना चाहू खुद को तो आईना माँ……

रूखी सी इस ज़िन्दगी को संवारती माँ,
बैठ कर समाने प्यार से निहारती माँ….

जीवन का सार भी माँ,
मेरा सारा संसार भी माँ….

ज़िन्दगी की परिभाषा माँ,
जो खत्म न हो उम्र भर वो इश्क बेइंतेहा सा माँ…………

-सन्नी रोहिला

 

मैं देखता हूं

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