सपनों की दुनिया

सपनों की दुनिया

सपनो की बातें नहीं- सपनों की सौगातें होती है,
संभाल के रखता है हर इन्सान- इसमे ऐसी कुछ यादें होती हैं….

वो बेफिक्र सी दुनिया है- वो बन्दिशों का सैलाब भी है,
वो समय की उड़ान है- वो प्यार का चड़ता परवान भी है ….
वो अपने भी बहुत है- वो सबसे अंजान भी है,
यह सपने बड़े सतरंगी है- कोई ना पुछे तो बेजान भी है….

यह दिलाते हैं कल की याद- जिस माँ की आँचल में छुपकर रोया करते थे: वो पापा का कम्बल हो- जिसमे बेफिक्र सोया करते थे….
ये सपने ही है जो हरदम तुम्हारे साथ होते है,
हाँ सही हैं जनाब- सपने ही तो अपने होते हैं….

ये रात है ख्वाईशओ की- ये दिन की बेपरवाह शुरुआत है,
ये सपने होते ही हैं मशहूर- इनकी भी क्या बात है….
✍kabiryashhh✍

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