सब कुछ ठीक हो जाये

सब कुछ ठीक हो जाये

सब कुछ ठीक हो जाये जींदगी में गर,
फिर किस चीज का रोना है।
और पा लूं सारी मंजिलें गर,
फिर किस चीज का खोना है।।
अजीब अजब है जिंदगी भी,
जहाँ काटें हैं वहीं मेरा बिछोना है।।
आफ़ात मिलेंगी दर दर पर यहां,
ये आज़माईश का ही खिलौना है।।
और सब कुछ ठीक हो जाये जींदगी में गर,
फिर किस चीज का रोना है।।

– Yogesh sharma

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