Hindi Poetry

साधु: एक सच्चा मुसाफ़िर

0 0
Read Time:1 Minute, 45 Second

इनकार करना विकल्प नहीं था,
लेकिन उनकी पसंद के रूप में वह एक भिक्षु थे!
वह कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था, जो जीवन को भरपूर चाहता था,
वह शांति चाहता था!
वह प्यार चाहता था,
वह आत्मज्ञान चाहता था!
वह सभी का प्यार हासिल कर रहा था,
वह सभी के लिए प्यार हासिल कर रहा था!
वह एक तरह का जीवन का पाठ पढ़ा रहा था,
वह एक सुंदर जीवन का पाठ पढ़ा रहा था!
उसके पास वह सब कुछ था जो वह चाहता था,
वह प्रसिद्ध था!
वह जानकार थे,
वह देशभक्त था!
वह एक ट्यूटर था,
वह एक शिक्षक थे!
वह एक सीखा हुआ था,
वह एक शिक्षार्थी था!
वह एक श्रोता थे,
वह पथ प्रदर्शक था!
वह एक मार्गदर्शक थे,
वह एक यात्री था!
वह एक महान व्यक्ति थे,
वह अपना खुद का चुना हुआ जीवन जी रहा था!
वह सिर्फ प्यार और शांति के व्यक्ति नहीं थे,
वह एक संन्यासी था, शांति का यात्री!
वह सिर्फ एक स्वतंत्रता सेनानी नहीं थे;
वह सिर्फ एक महान दार्शनिक नहीं थे!
वह एक भिक्षु था क्योंकि वह जीवन और समाज के शास्त्रों और संस्कृति के अनुसार एक आदर्श जीवन जी रहा था,
वह और कोई नहीं स्वामी विवेकानंद था और वह एक साधु था!

©दीपशीखा अग्रवाल!

मैं मुसाफ़िर सा…

Traveling Through Feminine

मैं एक मुसाफिर

About Post Author

Sachin Gupta

Law graduated in 2019, Practicing as an advocate in Delhi. Presently, I want to post my ideas.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Author

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

%d bloggers like this: