हम और आप

कर्त्तव्य की ध्वनि है,
हम सब से जो बनी है ।
देश हमारा फिर उड़े,
अब एक भी जान न कोरोना की भेट चढ़े ।
बच्चे फिर स्कूल जाए,
सड़के फिर आबाद हो जाए ।
घरों से डर दूर भाग जाए,
इस के लिए भारत का हर नागरिक आगे आये ।
पुरुष हो या महिला,
हर चेहरा हो फिर खिला ।
गन्दगी न हम अब सफाई फैलाएंगे,
बच्चा हो या बूढ़ा, सब पेड़ उगाएंगे ।
जरा सी दिक्कत पर भी हम डॉक्टर को याद करेंगे,
तभी तो मन सारे फिर खिलेंगे ।
अब केवल आज नहीं बल्कि रोज करेंगे हम पुलिस को सलाम,
क्यूंकि वो तो रोज ही करते है काम ।
भूखे को खाना हम खिलाएँगे,
किसी को भी हम न भूका सुलाएँगे ।
अब किसी काम में धर्म न आगे लाएंगे,
हर जगह कर्म अपना पुष्प खिलाएगा ।
जब सिगरेट, तंबाकू या शराब करते है हमारे फेफड़े खराब,
तभी तो आता है कोरोना हमारे लोग, हमारी दुनिया के पास ।
ये सब बुरी चीजें हम लोगो की छुडवाएंगे,
कोरोना या वैसी किसी बिमारी को अब हम अपने देश में घुसने न देने पाएंगे ।
हम और आपकी ही तो बात है,
इस देश को चाहिए जिसके साथ है ।

-: अंशुल जैन :-

 

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