Hindi Poetry

ग़रीबी

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ग़रीबी

दुख और सुख के रास्ते है।
कोई न किसी के वास्ते हैं।
राहों में पड़े हैं पत्थर यहाँ,
ठोकर खाकर भी है चलना यहाँ।
जीत उसी की जो कर ले मुट्ठी में ज़माना
ज़िन्दगी एक ग़रीबी सफर है सुहाना।
कभी है हकीकत, कभी है फसाना।

बादल घिर आते हैं
खुशी गम में अपने पहचाने जाते है।
अमीरी और ग़रीबी के सिक्के है
किसी की किस्मत में तारे तो किसी के धक्के है
फिर भी झूम कर दिल गाये ये तराना
ज़िन्दगी एक सफर है सुहाना।
कभी है हकीकत, कभी है फसाना।

©️Nilofar Farooqui Tauseef
Fb, ig-writernilofar

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About Post Author

Sachin Gupta

Law graduated in 2019, Practicing as an advocate in Delhi. Presently, I want to post my ideas.
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