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अतीत

अतीत से जुड़ा हुआ पाप् जो किया तूने पश्यताप की आग में आग में भुनेगा वो तुझे आग की बरसात में वो अंधेरी रात में मर रहा था वो जान...
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त्याग

त्याग इतनी क्यूँ क़ुरबत है चाँद से, जो रोशन है किसी और के दम पर। राब्ता उन तारों से रखो, जो टूटते हैं, के मुकम्मल हो दुआ तुम्हारी। -अनूप शाह...
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स्त्री

स्त्री (त्याग औऱ समर्पण की मूर्ती) बचपन से बुढ़ापे तक जो लड़ती रही अस्तित्व के लिए, कभी न सोचा अपने व्यक्तिव के लिए, एक गीली माटी की तरह ढल गई...
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सबक

ये जो तुम हर व्यथा को कल पर छोड़ देते हो न ये तुम्हारे व्यस्त होने की निशानी नही अपितु डर है डर, आज का सामना करने का डर, तुम्हारे...
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शांति

दौलत जीती , जीती शौहरत, मंदिर , मज्जिद ,गुरुद्वारे सब, घूमें चारों धाम लेकिन न जीत पाये, मन को तो कहा शान्ति और आराम। -कविता जयेश पनोत शांति और सुकून...
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हिंदी

हिंदी मेरे संस्कार मेरा दिल मेरी जान हिंदी है, ये मेरा अहंकार मेरा स्वाभिमान हिंदी है, मातृभाषा है मेरी गर्व महसूस करते हैं, मेरे लिए मेरे जीने में मेरी शान...
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हिन्दी से हिन्दुस्तान

हिन्दी से हिन्दुस्तान वाणी है मधुर ये मधुर भाषाओं का गौरव है साहित्य समृद्ध है इसका और मंगलकारी वैभव है राष्ट्र भाषा है हिन्दी इसका वैभव महान है देश को...