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परिवार

हां वो ही परिवार था आंखें खुली थी मध्दम-मध्दम, मध्दम उंगली हिलती थी दो जने घर में दिखते, जो मेरा संसार था। कुछ बड़ा हुआ, कुछ होश लिया कभी जगता...
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आईना

आईना तेरी यादें हुई वो आईना, जिसने कभी सच को दिखाया नहीं तेरी सांसे न कर सकी वफ़ा, जिनसे मैंने कुछ भी छिपाया नहीं हां तेरी यादें हुई वो आइना,...
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विचार

हर सपना सच कर जाओगे, बस मन में एक विचार बना लो। जो चाहोगे पाओगे, बस मन में एक विचार बना लो। कर भरोसा कर्मों का जो आगे बढ़ता जाता...