अतीत

अतीत

अतीत से जुड़ा हुआ
पाप् जो किया तूने
पश्यताप की आग में
आग में भुनेगा वो तुझे
आग की बरसात में
वो अंधेरी रात में
मर रहा था वो जान
उसपर भी ना दिया तूने ध्यान
मार दिया तूने उसे
कुछ रुपये के जाल में
जल रहा वो दिल तेरा
पश्यताप की आग में
अब पता चलेगा तुझे
त्याग के दायरे
जब सिखाएगी ये प्रकृति
अपने कायदे।

Fable myths

मैंने बस एक सोच को शब्द का रूप दिया है।
इसमें मैने लिखा है कि एक डॉक्टर ने पैसे की कमी के कारण
एक बीमार बच्चे की माँ को उसके उपचार की लिए मना कर दिया।
अब प्रकृति उसे उसके किये पर उसे दंड देगी तथा उसे त्याग का मतलब समझाएगी।

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SACRIFICE THE SACRIFICE

SACRIFICE THE SACRIFICE

Don’t sacrifice yourself to the sacrifices,
Don’t take all those maniacal crises…
Keep it simple keep it straight,
Hide your NameShow till your fame rises…

Fall for your own passion,
Don’t fall for the transient fellows…
Stick to your goals ‘Mate’,
Don’t go to the rubbish mellows…

Leave all the unbelievers- Just believe your own senses,
Don’t go too far to cultivate the brain- Be in your own senses…
Go for the best strengths you have,
Don’t reveal anything to all those three tenses…

Sacrifice to the dreams of your own dreamland,
Don’t act for another’s wasteland…
Sacrifice to quit yourself for the selfish Living ‘Deads’,
Make it happen all the time and Shut all those chattering ‘Heads’…

✍@kabiryashhh✍

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Papa

PAPA

Papa
He’s my superhero,
And the secret keeper of all my zeroes.
When I fell down, he taught me how
to stand up stronger.
Instead of making boundaries,
He taught me, it’s important to explore.
I’ve seen him work dusk to dawn
To fulfill my needs and wants,
But never heard him say, “I can’t.”
He gets me the most expensive valuables
And for that, he works extra hours instead of taking rest.
I’ve also seen him do the impossibles.
While he taught me, “everything is possible”
If I understand the power of unstoppable.
He’s my magician who can hide all his pain,
He can shine like the sun even when it rains.
He has made me his independent girl
With lots of unuttered sacrifices.
Yes, I’ve got a superhero,
who knows the secrets behind my zeroes.

-Megha P. Yadav
@megha_p_yadav

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स्त्री

स्त्री

स्त्री (त्याग औऱ समर्पण की मूर्ती)
बचपन से बुढ़ापे तक जो लड़ती रही अस्तित्व के लिए,
कभी न सोचा अपने व्यक्तिव के लिए,
एक गीली माटी की तरह ढल गई ,
हर एक साँचे में जिसमे दुनियाँ ने ढाला,
कभी बेटी बन , कभी बहू बन, तो कभी पत्नी बन,
हर बार अपने आपको को दिलासा देती रही।
समर्पण ,त्याग और सहिष्णुता के नाम पर कर ,
कुर्बान खुद को ,
कत्ल अपनी भावनाओं का करती रही।
तरसती रही जिन्दगी भर सच्चे प्यार की तलाश में,
और बुढ़ापे में जब काया का कल्प शिथिल हुआ,
साथ छुटा जब साथी का,
माझी डोल गया, मन का पंछी जैसे उड़ गया,
जैसे किसी वीरान खाने में।
नीरस लगने लगा जीवन,
अब जैसे इंतजार हो अंतिम स्वासो का,
और जिन्दगी के अन्जाम का।
उस एक हसी शाम का,
और एक आखिरी सुकूँ की स्वांस का ।

-कविता जयेश पनोत

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Salient Sacrifice

Salient sacrifice

Salient Sacrifice
Sacrifice is a rainbow,
Radiates different shades,
Each color has it’s a peculiarity,
Elaborates earnest quality.
Mother’s sacrifice is a lightning rod,
Draws love and care,
Dampens in their own image.
Father’s sacrifice dwells,
In telescoping the future of children,
Keeping in mind,
Undying hope of positivity.
Teacher’s sacrifice,
In interweaving himself,
In encouraging students,
His students are,
Lifetime achievements,
He dreams a brightening tomorrow,
Guru is always in front of the row.
Warrior’s sacrifice,
Continues his grim march across LOC,
Stern and stable to serve more and more for the country.
Doctor’s sacrifice,
Carries the impression of almighty,
Being at hand as a helping hand, always attentive in divine duty.
Sacrifice is done by all,
In their apt way,
Life itself a sacrifice,
A desiring, devotional ray.
Meenakshi Kapoor
@meenakshi_04

DEAR HISTORYDear Zindagi, News

हिंदी

हिंदी

हिंदी

मेरे संस्कार मेरा दिल मेरी जान हिंदी है,
ये मेरा अहंकार मेरा स्वाभिमान हिंदी है,

मातृभाषा है मेरी गर्व महसूस करते हैं,
मेरे लिए मेरे जीने में मेरी शान हिंदी है,

गंगा,यमुना,सरस्वती नदियों सी पावन,
माँ की ममता सी मेरा सम्मान हिंदी है,

आदर योग्य हैं मेरे लिए सभी भाषाएँ,
सभी भाषाओं में सबसे महान हिंदी है,

संस्कारों के गहनों से सजी संवरी हुई,
स्वर्ग तक सचिन मेरी पहचान हिंदी है,

©️ सचिन गोयल
सोनीपत हरियाणा
इंस्टाग्राम खाता,, बर्निंग_टियर्स_797

Newsहिन्दी से हिन्दुस्तान, हिंदी दिवस

हिन्दी से हिन्दुस्तान

हिन्दी से हिन्दुस्तान

हिन्दी से हिन्दुस्तान
वाणी है मधुर ये मधुर भाषाओं का गौरव है
साहित्य समृद्ध है इसका और मंगलकारी वैभव है
राष्ट्र भाषा है हिन्दी इसका वैभव महान है
देश को सशक्त बनाती है हिन्दी
हिन्दी से हिन्दुस्तान है।।

विभिन्न ग्रन्थ हैं रचित इसमें काव्य का इसमें प्रावधान है
अवधि मैथिली संस्कृत का समावेश इसमें विद्यमान है
देश की मधुर वाणी है हिन्दी
हिन्दी से हिन्दुस्तान है।।

निराला रहीम कबीर की बोली
उर्दू के समावेश का ज्ञान है
आधुनिक युग में इंदौरी और विश्वास के नाम का सम्मान है
भाषाओं की भाषा है हिन्दी
इसका वैभव महान है
देश की कार्यशैली अपनाती हिन्दी
हिन्दी से हिन्दुस्तान है।।
है अनंत साहित्य इसका इस भाषा का होता गुणगान है
बच्चन हरिऔध की बोली हिन्दी
हिन्दी से हिन्दुस्तान है ।।
नई पीढ़ी की आदर्श भाषा का गौरव प्राप्त इसको महान है
नई पीढ़ी को ज्ञानवान बनाती
बनाती सबको विद्वान है
विभिन्न राज्यों की विख्यात भाषा हिन्दी
हिन्दी से हिन्दुस्तान है।।

©️अंकिता वीरेंद्र नारायण
श्रीवास्तव
अयोध्या

Newsहिंदी दिवसशिक्षा

हिंदी दिवस

हिंदी दिवस

हिंदी दिवस

हिंदी सिर्फ़ एक भाषा नहीं,
देश का सम्मान है,
हमें गर्व है अपनी मातृभाषा पर,
जिसने हमें एक पहचान दिलाई,
अपने भाव व्यक्त करने में सहायता पहुँचाई,
दिलों को दिलों से जोड़ती है हिंदी,
हर भारतवासी का अभिमान है हिंदी,
वतन की मिट्टी में ख़ुशबू है हिंदी,
ज्ञान का सागर है हिंदी,
संस्कार का प्रारूप है हिंदी,
अभिवादन में नमस्कार है हिंदी,
हिंदुस्तान के कण-कण में है हिंदी।

✒️ आलोक संतोष राठौर

@ehsaas_ki_awaaz

Newशिक्षागरीब

शिक्षा

शिक्षा

शिक्षा का महत्त्व जब जान जाएगा।
तभी तो तू, इंसान कहलायेगा।
अच्छे, बुरे, समतल, समन्दर, तूफान से
लड़कर आगे बढ़ पायेगा।

नौकरी कर पैसा कमाना , शिक्षा का स्थान नही
ग़रीबों, यतीमों पे जुल्म ढाना, कोई उत्थान नही।

बिन शिक्षा के इंसान जानवर बन जाता है
हालात आये ऐसे, जानवर भी शिक्षित नज़र आता है।

मानव बुद्धिमान होकर, सब विनाश कर गया
देखते ही देखते देखो, कितना अवकाश कर गया।

कैसी शिक्षा, कैसा नीति, कैसा ये प्रावधान है
अपने औऱ ग़ैरों को मारे, भला कैसा इंसान है।

पोथी पढ़-पढ़ के, पंडित न हो जायेगा
पाप किया तो फल भी तू ही खायेगा।

शिक्षा से शिक्षित होकर कर तू उपकार
इस धरती पे जैसा करे मिले जीवन का सार
इस धरती पे जैसा करे मिले जीवन का सार

©️Nilofar Farooqui Tauseef
FB, ig-writernilofar

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गरीब

गरीब

क़िस्मत गरीब की भी एक दिन खुदा बदल दे,,
बरसों से सूखा गुलशन कोई कभी तो फ़ल दे,,
क़िस्मत गरीब की भी,,,,,

(1) पूरी उम्र गुजारी रहकर के छप्पर छाते,,
राहें बनाई हमने नित महल हम बनाते,,
खुशियाँ मिले जहां बस कोई ऐसा पल दे,,
बरसों से सूखा गुलशन कोई कभी तो फ़ल दे,,

(2) रुपयों वाला आके हमकों ये भिक्षा देता,,
करनी पड़े गुलामी हमकों ये शिक्षा देता,,
दुखों का हो निवारण कोई तो हमकों हल दे,,
बरसों से सूखा गुलशन,,,,,

(3) मर जाये यूँ ही एक दिन राहों में हम तड़पकर,,
फ़िर देख लेना आके तू भी तमाशा जी भर,,
सचिन खुदा के दर पर मुझे साथ लेके चल दे,,
बरसों से सूखा गुलशन,,,,,

©️ सचिन गोयल
सोनीपत हरियाणा
Insta id,, burning_tears_797

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