त्याग

त्याग

त्याग
इतनी क्यूँ क़ुरबत है चाँद से,
जो रोशन है किसी और के दम पर।

राब्ता उन तारों से रखो,
जो टूटते हैं,
के मुकम्मल हो दुआ तुम्हारी।

-अनूप शाह
IG: anup.154

सबक

सबक

ये जो तुम हर व्यथा को
कल पर छोड़ देते हो न
ये तुम्हारे व्यस्त होने की निशानी नही अपितु
डर है
डर, आज का सामना करने का
डर, तुम्हारे घाव हरे होने का
डर , उस हर बात का जो तुम्हे पीछे खिंचती है
और हाँ…
डर इस बात का की तुम, तुम नही रहोगे
तो सबक लो और
व्यथाओं को खुद पर हावी मत होने दो व डरपोक मत बनो।
डर का सामना करना आखिरी उपाय है उससे भागना नही।

©️Anant_vishv

कोरोना के इस काल ने,
कितनो को निगल लिया,
जो महकते थे इस जहाँ में गुलाब बन,
उन्हें पल भर में नियति ने अपना कर लिया।
एहसास हुआ कुछ ऐसा ,
जीवन और मृत्यु के बीच अनियमितता का,
मौत और जीवन है दो पहलू इस सफर के।
परिंदा बैठ काया के घरौंदे में,
बस जपता रहता स्वांसों की माला।
जीवन की इस अनियमितता ने अब,
मुझको माया से बाहर निकाला।
दुनियाँ के क्षण भंगुर रिवाजो से दूर,
ले सबक जिन्दगी का सच्चा,
मैने मुझको मुझमें ढूंढ़ निकाला।

कविता जयेश पनोत

 

जनाज़े के राही सुबक-सुबक के चलते है,
जिन्दगीं के आखिरी लम्हों में धधक-धधक के जलते हैं….
की ‘सबक’ दूसरों के सफ़र से भी ले लिया करो यारों,
जो अकड़ में रहते हैं – वो तड़प-तड़प के ढलते हैं…
✍kabiryashhh✍

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शांति

Woman, Girl, Freedom, Happy, Sun, Silhouette, Sunrise

दौलत जीती , जीती शौहरत,
मंदिर , मज्जिद ,गुरुद्वारे सब,
घूमें चारों धाम लेकिन न जीत पाये,
मन को तो कहा शान्ति और आराम।

-कविता जयेश पनोत

Sunrise, Boat, Rowing Boat, Nobody, Calm, Tranquil

शांति और सुकून ही तो जीवन का उसूल है
जीवन में हर एक बात इसके बिना फ़िज़ूल है
है नहीं शांति अगर तो मज़ा नहीं है जीवन में
हर चेहरा मायूस दिखता है हर पल किसी दर्पण में।।
शांति और सुकून की ख्वाइश हम करते चलें
ज़िन्दगी की मौज में आगे हम बढ़ते चलें।।

-Ankita Virendra Shrivastava

Tree, Lake, Reflection, Water, Calm, Tranquil Scene

शांति
भगवे की भूख, मालाओं में रटते देखी है।
शांति की भूख में, जलती लपटें देखी है।

-©️दर्शना सूरज

Beautiful, Bird, Blue, Calm, Color, Elegance, Feather

जब होगा तेरा भीतर शांत,
तब होगा सारा जग प्रशांत।

-©️दर्शना सूरज

 

Challenge 0.4 (Sep-2020) Dated 21st Sep, 2020

Positions:

  1. Darshna Sooraj
  2. Kavita Jayesh Panot
  3. Ankita Virendra

(Link of certificates: Certificates ) Other Site

The Days

The Days

The days seem amazing now,
No pollution just a pure environment now!

©️DEEPSHIKHA AGARWAL!

 

From being the most mischievous one,

To bring the most protective and caring one!
Maturity hit my brother so hard,
That he became the most pleasurable thing of my life!

©️DEEPSHIKHA AGARWAL!

 

From being the most notorious one,

To be the most important one!

Our Brother – Sister Relationship flourished to new levels!

©️DEEPSHIKHA AGARWAL!

 

From just caring for me,

To be the one who cares and respects all girls!

My brother became an example of true brotherhood!

©️DEEPSHIKHA AGARWAL!

 

Love doesn’t need relationship boundaries,
It’s just a beautiful feeling connecting tow souls!

©DEEPSHIKHA AGARWAL!

 

It’s not ferocious darling that’s her way to survive,
She is just an angel with two horns of happiness!

©DEEPSHIKHA AGARWAL!

 

She chose thorns over,
False roses of love,
Yes, she chose herself to be a thornbird!

©DEEPSHIKHA AGARWAL!

 

Confusions shouldn’t be entertained,
Broken trust and a confused mind lead to the breakage of many beautiful things and relationships!

©️DEEPSHIKHA AGARWAL!

 

Light me up like,
The chandelier of utmost purity and commitment!

©️DEEPSHIKHA AGARWAL!

 

Light me up like,
The wonderful sunshine of the dawn and the sunset of the legendary dusk!

©️DEEPSHIKHA AGARWAL!

 

Light me up like,
The happiness of a beautiful soul and the angel of hearts!

©️DEEPSHIKHA AGARWAL!

 

Trust and unity was all I really practiced,
Betrayal and game of removal were all which seemed a reality to you!

©️DEEPSHIKHA AGARWAL!

 

Nothing like betrayal really existed,
But those words of distrust have hurt a lot!

©️DEEPSHIKHA AGARWAL!

The days

बेइन्तेहा इश्क़

A BEAUTIFUL CONFUSION

From Flesh to Soul

News Updates 24X7

बेइन्तेहा इश्क़

बेइन्तेहा इश्क़

बेइन्तेहा इश्क़

उसकी एक अदा पर दिल कुर्बान करने को जी चाहता हैं,
उसे गले लगाकर अपना बनाने को जी चाहता हैं।

©️दीपशिखा अग्रवाल।

 

रोश्निदान हैं इश्क़ मेरा

आज भी सिर्फ़ एक उन्हीं के नाम से रौशन हैं यह जिंदगी हमारी,
नहीं तो न जाने कहाँ से आतें थें और कहाँ चले जातें थें हम।

©️दीपशिखा अग्रवाल।

 

इरादा

बचपन में ईनाम के लिए झगड़ते देखा,
बुढ़ापे में ईनाम के लिए ललचाते देखा।
इरादा हमेशा नाम रौशन करने का था,
इसिलिए तो अखबारों में नाम छपते देखा।

©️दीपशिखा अग्रवाल।

 

प्रेम कब होता है?
प्रेम कैसे होता है?
और प्रेम किससे होता है?
ये जानना उतना ही मुश्किल है,
जितना कि,
आसमान के किनारों को नापने की,
एक इच्छा पाल लेना।
एक छोटी मछली को,
सागर की गहराई तक पहुंचने की इच्छा।
✍️✍️Mohit

 

बैराग ओर इश्क़ का मेल नहीं है।
मामला दिल का है, खेल नही है।

 

कुछ निशक्रिय सी हो गई हूँ मैं,
तेरे इश्क़ में बावरी हो गई हूँ मैं।

©️दीपशीखा अग्रवाल!

 

कुछ निशक्रिय सी हो गई हूँ मैं,
तेरे इश्क़ में मैं जग से वैरागी हो गई हूँ मैं।

©️दीपशीखा अग्रवाल!

 

मेरे मुक्कदर को देखकर-
वो मुझसे इस तरह खफ़ा हो गया।
वादे करता था जो जीने-मरने के-
वो ज़रा सी बात पर बेवफ़ा हो गया।
Insta- @kabiryashhh

 

रातें जाग जागकर बिताएं हैं,
दिन में भी चैन नहीं पाता ये दिल।
सिर्फ़ एक उसे ही याद करता रह्ता हैं ये दिल,
बड़ी मुश्किलों से संभलता हैं अब ये दिल।

©दीपशीखा अग्रवाल!

 

अल्फज़ो का साथ छुटा,
अपनो का भी हाथ छुठा।
अब क्या गिला करे उस खुदा से,
जब खुद पर से ही विश्वास उठा।

©दीपशीखा अग्रवाल!

 

क्यूँ यह दिल सिर्फ़ एक उसीका होना चाहे,
जब पता हैं वो नहीं हैं किस्मत में फिर भी क्यूँ सिर्फ़ एक उसीका होना चाहे।
क्यूँ समझता नहीं यह दिल,
क्यूँ सिर्फ़ एक उसीको चाहे यह दिल।

©दीपशीखा अग्रवाल!

 

इश्क़ में आसान नही है किसी का हो जाना
खुद को मिटा कर पाने का नाम इश्क़ है

सखा

 

मैं अक्सर उसके ख़यालों में रहता हूँ
मैं अक्सर उसके करीब ही रहता हूँ

सखा 🍁

 

मेरी उससे मुलाकात हुए अरसा बीत गया
पर आज भी वो धुँधली सी मेरे ख़यालों में है

सखा 🍁

 

मंजिल की तलाश में भूखा प्यासा दर बदर फिर रहा,
पर मंजिल अभी दूर हैं,
परिवार के खातिर मीलो दूर चल रहा वो मजदूर हैं……

सन्नी रोहिला

 

गलत को गलत कह कर तो देखो,
जमाना तुम्हे मरने पर मजबूर न करदे तो कहना….

सन्नी रोहिला

 

इस दुनिया में सिर्फ़ एक ही चिज़ अप्नी पायी,
मेरे भाईयो का प्यार और साथ|
खुशीया बहुत थी,
मगर कोई और खुशी इत्नी बड़ी ना थी कभी|

©दीपशीखा अग्रवाल!

 

बड़ी मुश्किल से पाया हैं तुखे,
अब ना छुटेगा ये साथ कभी|
एक भाई रावण था जिसने अपनी बेहेन के खातिर सीता हरण का ज्घण अप्राध किया ,
एक भाई था राम जिसने अपने भाइयों के लिए अपना सर्वस्व लुटा कर वनवास क़ुबूल किया|

©दीपशीखा अग्रवाल! 

 

बचपन से साथ सिर्फ़ एक तेरा ही चाहा हैं,
हर शरारत में संग तुझे ही मांगा हैं|
हर मुसिबत में साथ तेरा पाया हैं,
हर खुशी में यह दिल मुस्कुराया हैं|
ज़िन्दगी काफ़ी आराम से कटी हैं,
एे मेरे भाई जबसे प्यार तेरा पाया हैं|

©दीपशीखा अग्रवाल! 

 

संक्रमण कई थे,
लेकिन दु: स्वप्न थे चतुर!

©️दीपशीखा अग्रवाल!

 

वक़्त जो मांगा उन्होंने हमसे,
हमने उन्हें अपनी पूरी ज़िंदगी देदी….

सन्नी रोहिला

 

मेरे सवालो के आगे ज़वाब कम पड़ जाएंगे,
तुम्हारी नाराजगी के प्रमाण कम पड़ जाएंगे
क्यों शरीफ़ बन रहे हो,तुम्हे सब जानते यहाँ,
जितने ओढ़ोगे नकाब,नकाब कम पड़ जाएंगे

Vishvajeet Singh Rathore✨

 

 

तुम हो या ना हो… Read More

News Updates

बेइन्तेहा इश्क़

तुम हो या ना हो

तुम हो या हो ना हो

तुम हो या ना हो….

तुम हो
या हो ना हो
पर मेरे साथ
तुम्हारा अहसास तो है 

— सखा 🍁

मिले थे अजनबी बनकर
आज जिंदगी की जररूत हो तुम 

— सखा 🍁

बहुत से सवाल अधूरे रह गये
जिनके जवाब ………तुम थे 

— सखा 🍁

 

हर कोई अभीमन्यू नहीं,
जो अपनीं माता के गर्भ में सब सीख जाएं।

हर कोई इंसान तो हैं,
जीवन हैं चाहें तो सबकुछ वरना कुछ भी न सीख पाएं। 

— ©दीपशीखा अग्रवाल!

कहतें हैं आंखे बोलतीं हैं,
सच ही तो हैं यहीं दिल के सारे राज़ खोलतीं हैं।

–©दीपशीखा अग्रवाल!

 

मैंने पूछा कि ‘तबाही’ क्या है!

उन्होंने हाथ छोड़ के पैगाम दिया।

–Topiwala🤠

 

मैंने पूछा”वादा” क्या है ?
उन्होंने मेरे हाथों को अपने हाथों में थाम लिया

— सखा 🍁

 

मैंने पूछा उनसे ‘फरेब’ क्या है।

उन्होंने हर वादे को झुठला दिया।

–Topiwala🤠

मैंने पूछा उनसे ” रिश्ता ” क्या है
उन्होंने माँग में सिंदूर दिखा दिया

— सखा🍁

मैंने पूछा कुछ बताओ ‘विरह’ पर उन्होंने बिन बताये रिश्ता तोड़ दिया

–Topiwala🤠

 

उन्होंने कहा कुछ लिखो ” प्रेम ” पर
मेने उनका ” नाम ” लिखकर छोड़ दिया

— सखा🍁

 

उसकी तस्वीर देख आज भी खुशी से झुम उठती हूँ,
फ़िर याद आता हैं हम साथ नहीं और दुखी होकर रो पड़ती हूँ |
क्या करू इश्क़ आज भी करती हूँ,
उसे याद हर रोज़ करती हूँ |

— ©DEEPSHIKHA AGARWAL!

 

ये अपने और पराए का खेल मेरे संग ना खेलना,
मेंने अक्सर लोगों को झूठ के नकाब में सच छुपातें देखा हैं|

— ©DEEPSHIKHA AGARWAL!

दूरीया तुमने बढ़ाई,
हम तो आज भी तुम्हारा इंतज़ार करतें हैं|
दोस्ती निभाने में चुक तुमसे हुई,
हम तो आज भी खुद को ही गुनहगार मानतें हैं|

— ©DEEPSHIKHA AGARWAL!

 

वो मेरा गुरूर था तुम कहतें थें,
वो मेरी खुद्दारी थीं यह जग कहता हैं|
क्या सच क्या झूठ अब यह सब जानतें हैं,
सच हैं समय सबको जवाब देता हैं|

— ©DEEPSHIKHA AGARWAL!

 

तुम्हें बदनाम करने की मेरी इच्छा न थीं,
मगर तुमने ही मेरी सच्चाई और अच्छाई की कदर न की|
और मजबूरन मुझे,
सच्चाई जग ज़ाहिर करनी पड़ी|

— ©DEEPSHIKHA AGARWAL!

 

अब अपने बारे में हम खुद क्या कहें,
दुनिया को यकीन हैं के हम बेवफा नहीं |

— ©DEEPSHIKHA AGARWAL!

 

बंदगी नहीं वो सिर्फ बंदे को चाहता
पूजता हर कोई पर हर कोई न उसे पाता
जो पंडा मौलीवियो से दूर जाने पर मिल पाता
कुछ ऐसा है जी खुदा मेरा

— Arjun

 

मंज़र भी इश्क़ का बड़ा अजीबो गरीब था
वो आग से जला जो नदी के करीब था

— Ruhani_mohabbate

जब अंदाजा हुआ हमे उनकी मोहब्बत का
तो हमने खुद को बेगाना बना दिया

और जब देखा उन्हे किसी और की बाहो मे
तो आंखें भीगी और हमने तिनके का बहाना बना दिया

— ruhani_mohabbate

 

गर हम कभी मिले तो पढ़ियेगा जरूर मुझे।
मैं नायाब गलतियों की मुक्कमल किताब हूँ।
— Topiwala🤠

 

गर तुम जवाब हो तो सवाल मैं हूँ।
जो तुम शांत हो तो बवाल मैं हूँ।
गर हो गुरुर तुम तो मलाल मैं हूँ।
जो हो तिलिस्म कोई तो कमाल मैं हूँ।
— Topiwala🤠

 

तुम्हारा प्रेम,
जैसे नीला आसमान,
उसमें मैं हूँ जैसे एक पंछी,
जो छूने की चाह रखता है,
निकट समझता है हर पल जिसे,
पर है नहीं,
नहीं जान पाऊँगा तुम्हारे प्रेम का विस्तार,
और वो अनंत सीमाएँ,
जिन्हें समेटने की चाह लिए उड़ रहा हूँ।।
— ✍✍ Mohit

 

इस दौर की हवा का
रुख ही हवा हो गया
अपना कहते कहते ही वो
जाने कहाँ दफा हो गया
— Vishvajeet✨

 

हमने तुम्हें दिल से देखा है,
हमें शक्ल से क्या करना,
मुहब्बत हमारी गणित का सवाल नहीं,
हमें तुम्हारी अक्ल से क्या करना।।
— ✍✍ Mohit

 

तमाम तमन्ना ऐ तस्सवूर की तासीर ले चुका है तहरीक ऐ तकल्लुफ तेरा
मुअय्यन के मुहाने से मुआयना कर रहा है मुख्तसर माशूक ये दिल मेरा

— Topiwala🤠

 

तेरे विरह की तपिश में दहक़ रहा है ये दिल
और इस विरह अग्नि से विद्रोह करने पलकों तले से निकल पड़े है कुछ नादान अश्क़ ।
— © सपन अग्रवाल

 

कीमती हूं बहुत पर मै हीरे जवाहरात नहीं….!!!
महंगा हूं बहुत पर मै सोने की खान नहीं….!!!
और क्या कहूं किसने क्या बोला है मुझे….!!!!
दुखी हूं बहुत पर मै दुखो का सरताज नहीं…!!!

— Anshu Agrawal

 

संम्भाले नही संम्भलेगा,
जो कर रहा हैं करने दो….
इश्क़ किये बैठा हैं जालिम,
मरने दो….

— सन्नी रोहिला

 

मैं लिखता हूँ तितली
तुम उन्हें हथेलियों पर बिठा देती हो

मैं लिखता हूँ वसंत
तुम रंगों में डूबने लगती हो

मैं लिखता हूँ बादल
बिन बरसात तुम भीगने लगती हो

मैं लिखता हूँ प्रेम
तुम न जाने क्या महसूस करने लगती हो

— सखा🍁

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हारा नही

हारा नही

हारा नही, लड़ा बहोत वो हारा नही,
ज़िन्दगी के इस संघर्ष से वो कभी डरा नही,
छोड़ चला इस दुनिया के ताने-बाने को वो,
अब बस गिला यही हैं के उसके जैसा कभी कोई मिलेगा नही…..

-सन्नी रोहिला

R.I.P legendry #irfankhan

From Footpath, The Warrior

सारा शहर रोया

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दिल्लगी इस कदर

दिल्लगी इस कदर

उनसे दिल्लगी इस कदर हुई
कि उनकी इन्तिख़ाब आरजू
मुझे खा रही है।
मेरी इफ़्फ़त का जनाजा निकाल कर
वो किसी ग़ैर के साथ जा रही है।।
वो क़ाज़ी नहीं क़ातिल-ए-वफ़ा है,
मैं बैठा हूँ ख़ुद की गवाही में
और वो मेरे जनाज़े का सामान ला रही है।।

-Yogesh Sharma

 

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पा लिया सबकुछ,
खुद खो सा गया हूँ मैं,
अब दर-बदर भटकता मैं मुसाफ़िर सा…..

मिल जाऊ कही खुद ही,
ढूँढू यहाँ वहाँ खुद को मैं,
खुद की तलाश करता मैं मुसाफ़िर सा……

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