STOP CHILD ABORTION,

वंश की उत्तराधिकारिता की रक्षा हेतु सदियों पूर्व
एक स्त्री के मातृत्व की परीक्षा एवं स्वामिभक्तिता के परिचय को इतिहास के पन्नों में गर्व से संकलित किया गया ,जो कि स्वाभाविक है
लेकिन आज की स्त्री (स्त्री जाति) भी अपने वंश के रक्षार्थ (सामाजिक परम्पराओं के अनुसार)
अपने मातृत्व की परीक्षा देती है
और कुछ इस तरह ही वो अपने ही खून का खून कर देती है और इस खून में संलिप्त होते है कई परिवारों के हाथ ,लेकिन दोषी सिर्फ माँ को ठहराया जाता है ।
धाय माँ आज भी पैदा होती हैं किन्तु
वो पन्ना धाय नहीं होती है ,जिसने वंश रक्षार्थ हेतु
स्वामिभक्तिता का परिचय दिया ।
आज की धाय माँ बलिदान तो देती है
किन्तु इस तरह जो वर्तमान समय के मानकों में अपराध है ।

©सपन अग्रवाल

Bachpan (In Indian Language)

नींदिया परी

माँ

Dear Mummy

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