Writer's Special

Lockdown and You

0 0
Read Time:47 Second

Lockdown and You, तन्हा हुए तो पता चला कि ।
बहुत घंटे होते है एक दिन में।

साथ नही है तो पता चला कि।
बहुत टंटे होते है इस जीवन में।

गर न होते सखा तुम, तो हो जाता खिन्न मैं।
साथी हो इसी कारण औरों से हु भिन्न मैं ।

हारा हुआ सा लगता अपना वजूद इस क्षण में।
प्यासे को दरिया जैसे हो तुम मेरे संघर्ष के रण में।

साथ ही तुम्हारा पलट देता है पासे एक पल में।
मौका ए मौजूदगी से तुम्हारी, बन जाता हूं अटल मैं।. Insta @kalam ki kalakari @topiwalavaibhav

Post No. THG008 (Lockdown and You)

बेइंतेहाँ मोहब्बत

Also Read Tech Realeted Blog..

About Post Author

Sachin Gupta

Law graduated in 2019, Practicing as an advocate in Delhi. Presently, I want to post my ideas.
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Author

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

3 thoughts on “Lockdown and You

Leave a Reply

%d bloggers like this: