“आशियाना”

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‘आशियाना ‘
कितना अच्छा होता न ,अगर सबके पास
अपना एक छोटा सा आशियाना होता
जिसमें माँ का ममता भरा आँचल,
और पापा का ढेर सारा दुलार होता ।
न कोई ताना,न कोई फटकार ।
माँ के हाथ का खाना ,
पापा की बनावटी धमकी
और कुछ अपनों का साथ होता ।
कितना अच्छा होता न,अगर सबके पास
अपना एक छोटा सा आशियाना होता ।

written by :- sapan agrawal

अब तक पेट न भरा तुम्हारा ?…

हजारों लाखों मजदूर, जो मज़े से बसों मे बैठे गपीया रहे, हसी मज़ाक कर रहे होते हैं, रिपोर्टर के पहुंचने पर रोनी सूरत बना लेते हैं, और तुरंत रटा हुआ जवाब सुना देते हैं,

“खाने को कुछ नहीं”… अबे ससुर तुम देश खा गए, पूरा देश का बजट तुम लोगों को ध्यान मे रखकर बनता है, अब तक पेट न भरा तुम्हारा?…

“तू चल ,न रुक”

एक राह।
तू राही….
तू चल, न रुक।
होगा क्षत-विक्षत बेशक़ तू,
तू चल, न रुक।
तू कर करम,कर प्रयास तू
होगा विफल,हो उठ खड़ा
तू चल न रुक।
न कर फिक्र अंजाम की ,न जिक्र कोई मुकाम का,
न कर कोई अगर मगर….न कर डगर की तू फ़िकर
गर करनी हो नौका पार तो क्या राह और क्या मंजर?
तू चल,न रुक।
गर पकड़ ही ली है राह तो सोचना क्या  सफर के बारे
रख धैर्य तू,न रह मौन तू,
तू चल,न रुक
रूह से जंग जीतने की तू जिदकर
तू जिद कर कुछ कर गुजरने की।
तू चल,न रुक।।
Written by :-Sapan Agrawal

नारी की इज्जत करने वाला इंसान ही भगवान है

नारी की इज्जत करने वाला इंसान ही भगवान है ।

मसला कुछ यूं है
इलाज करती थी जानवरों का मगर एक बात से अनजान थीं…
जानवर तो सारे सुधर गये,
सुधर ना पायीं गिरीं “सोच” इंसान की।
शेर,चीता,सियार भेड़िया तो नाम के रह गए,
असल में जानवर तो आज इंसान है।
नारी की इज्जत करने वाला इंसान ही भगवान हैं।

अंधविश्वास में तुम भी हो,
सब असलियत से अनजान हैं,
दो दिन बंद रहेगा भारत,
झूठा ये सम्मान हैं,
इतना कुछ हो गया,
अब तो बंद करो ये कहना,
के सबका रखवाला भगवान हैं।
असल में
नारी की इज्जत करने वाला इंसान ही भगवान हैं।

ईश्वर से विश्वास उठ गया अब मेरा
दिन-व-दिन दरिंदगी का माहौल है।
सुना हैं कि सबकी क़िस्मत ऊपरवाला लिखता हैं
फिर जिस्म सर-ए-बाजार
क्यूं बिकता हैं।
किस्मत गर ईश्वर लिखता तो
न लिखता बलात्कार
लड़कियों के नसीब में ।
आंसू बहते लिख रहा हूँ
कुछ फायदा नहीं इस गुणगान का।
बदलेगा कानून देश का
जब जिस्म निचोड़ा जाऐगा
किसी नेता की संतान का।
होता रहा गर रोज ही ऐसा तो बेटी पैदा करना ही अपमान है।
कलियुग के इस दौर में
नारी की इज्जत करने वाला इंसान ही भगवान है
Written by :- Vishal Goad

माँ तू ही सब कुछ हैं

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“आदर्श मानव “

एक जीव मात्र जीवजगत के समस्त जीवों 

को जीना सिखा रहा है ।

खुद को सर्वोपरि और इस सृष्टि 

का सर्वेसर्वा समझने वाला ,

या फिर यूं कहूँ कि

खुद की जान के आगे दूसरों की परवाह न करने वाला जीव ‘मानव’

अब अपने  अस्तित्व के मूल में प्रविष्ट कर रहा है ।

और यह सब भय के कारण संभव हो पाया है 

तो यह भय सही है ।

अपने फायदे के  लिए न जाने कितने ही जीवों को अनायास ही मौत के घाट उतारने में तनिक भी संकोच नहीं  करता ।

आज वो खुद खतरे में है तो बिलख क्यों पड़ा?

शायद अब हो पायेगा उसे अहसास अपनों सेऔर अपनों के बिछड़ जाने का, क्षण भर में जीवन खत्म हो जाने का ,बेमौत मारे जाने का ।

और महसूस कर पायेगा वो बेजुबान जानवरों का दर्द ।

सच्चे अर्थों में यह जीव  मानव को उसके अस्तित्व का प्रयोजन समझाने आया है 

कि उसका विवेक नेक कर्मों और उसका चातुर्य सृष्टि कल्याण में सहायक हो सकने वाले कर्मों को अंजाम तक पहुँचाने के लिए दिया गया है न कि 

किसी दूसरे जीव को सताने के लिए ।

इस भय से मानव अपने मूल्यों सहित कर्तव्य पालन ,

धर्म की परकाष्ठाओं का अनुपालन कर रहा है 

और साथ ही अपने परिवार को समय दे रहा है ।

कुछ देवमानुष जिन्हें अपने मानव होने पर घमंड नहीं है 

ऐसी विपदा की घडी में अपनी जान जोखिम में डालकर सभी की मदद कर रहे है ,असल में ऐसे लोगो का मानव जीवन सार्थक है ।

उन्हें खुद पर फक्र होना चाहिए की वे इस संसार के आदर्श मानव है ।

written by :- sapan agrawal

कोरोना वायरस के संक्रमण से कैसे बचें?

Corona Virus

कोरोना वायरस अब चीन में उतनी तीव्र गति से नहीं फ़ैल रहा है जितना दुनिया के अन्य देशों में फैल रहा है. कोविड-19 नाम का यह वायरस अब तक 195 से ज़्यादा देशों में फैल चुका है.

भारत में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमण के 19000 से अधिक मामले सामने आए हैं. कोरोना से संक्रमित लोगों में से भारत में मरने वाले लोगों की संख्या 600 हो गयी है. कोरोना के संक्रमण के बढ़ते ख़तरे को देखते हुए सावधानी बरतने की ज़रूरत है ताकि इसे फैलने से रोका जा सके.

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विश्व स्वास्थ्य संगठन, पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड और नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) से प्राप्त सूचना के आधार पर हम आपको कोरोना वायरस से बचाव के तरीके बता रहे हैं.

किसे पहनना चाहिए मास्क?

  1. अगर आप स्वस्थ हैं तो आपको मास्क की जरूरत नहीं है.
  2. अगर आप किसी कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति की देखभाल कर रहे हैं, तो आपको मास्क पहनना होगा.
  3. जिन लोगों को बुखार, कफ या सांस में तकलीफ की शिकायत है, उन्हें मास्क पहनना चाहिए और तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए.

मास्क पहनने का क्या है तरीका?

  1. मास्क पर सामने से हाथ नहीं लगाना चाहिए.
  2. अगर हाथ लग जाए तो तुरंत हाथ धोना चाहिए.
  3. मास्क को ऐसे पहनना चाहिए कि आपकी नाक, मुंह और दाढ़ी का हिस्सा उससे ढका रहे.
  4. मास्क उतारते वक्त भी मास्क की लास्टिक या फीता पकड़क कर निकालना चाहिए, मास्क नहीं छूना चाहिए.
  5. हर रोज मास्क बदल दिया जाना चाहिए.

कोरोना के ख़तरे को कम करने के उपाय

  1. कोरोना से मिलते-जुलते वायरस खांसी और छींक से गिरने वाली बूंदों के ज़रिए फैलते हैं.
  2. अपने हाथ अच्छी तरह धोएं.
  3. खांसते या छींकते वक़्त अपना मुंह ढक लें.
  4. हाथ साफ़ नहीं हो तो आंखों, नाक और मुंह को छूने बचें.

कोरोना वायरस के लक्षण

  1. कोरोनावायरस (कोवाइड-19) में पहले बुख़ार होता है.
  2. इसके बाद सूखी खांसी होती है और फिर एक हफ़्ते बाद सांस लेने में परेशानी होने लगती है.
  3. इन लक्षणों का हमेशा मतलब यह नहीं है कि आपको कोरोना वायरस का संक्रमण है.
  4. कोरोना वायरस के गंभीर मामलों में निमोनिया, सांस लेने में बहुत ज़्यादा परेशानी, किडनी फ़ेल होना और यहां तक कि मौत भी हो सकती है.
  5. उम्रदराज़ लोग और जिन लोगों को पहले से ही कोई बीमारी है (जैसे अस्थमा, मधुमेह, दिल की बीमारी) उनके मामले में ख़तरा गंभीर हो सकता है.

कुछ और वायरस में भी इसी तरह के लक्षण पाए जाते हैं जैसे ज़ुकाम और फ्लू में.

कोरोना का संक्रमण फैलने से कैसे रोकें?

  1. अगर आप संक्रमित इलाक़े से आए हैं या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहे हैं तो आपको अकेले रहने की सलाह दी जा सकती है.
  2. घर पर रहें
  3. ऑफ़िस, स्कूल या सार्वजनिक जगहों पर न जाएं
  4. सार्वजनिक वाहन जैसे बस, ट्रेन, ऑटो या टैक्सी से यात्रा न करें
  5. घर में मेहमान न बुलाएं.
  6. घर का सामान किसी और से मंगाएं.
  7. अगर आप और भी लोगों के साथ रह रहे हैं तो ज़्यादा सतर्कता बरतें.
  8. अलग कमरे में रहें और साझा रसोई व बाथरूम को लगातार साफ़ करें.
  9. 21 दिनों तक ऐसा करते रहें ताकि संक्रमण का ख़तरा कम हो सके.

इस तरह के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं कि कोरोना वायरस पार्सल, चिट्टियों या खाने के ज़रिए फैलता है. कोरोना वायरस जैसे वायरस शरीर के बाहर बहुत ज़्यादा समय तक ज़िंदा नहीं रह सकते.

कोरोना वायरस का संक्रमण हो जाये तब?

  1. इस समय कोरोना वायरस का कोई इलाज नहीं है लेकिन इसमें बीमारी के लक्षण कम होने वाली दवाइयां दी जा सकती हैं.
  2. जब तक आप ठीक न हो जाएं, तब तक आप दूसरों से अलग रहें.
  3. कोरोना वायरस के इलाज़ के लिए वैक्सीन विकसित करने पर काम चल रहा है.
  4. इस साल के अंत तक इंसानों पर इसका परीक्षण कर लिया जाएगा.
  5. कुछ अस्पताल एंटी-वायरल दवा का भी परीक्षण कर रहे हैं.
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‘सफर ‘

सफर

सफर, सूखी नदियां, बंजर पहाड़ ,बिन पत्तों के नंगे दरख़्त और बिना परिंदों का आसमान ।

कहते है हर सफ़र हसीं होता है

लेकिन मेरा मन विचलित है इस सफर में ।

माँ की दुआएं,पापा का विश्वास ,जेहन में कुछ कर दिखने का संकल्प, वैसे तो सब कुछ साथ है मेरे

लेकिन कमी है संकल्प में दृढ़ता की,

कमी है आत्मविश्वास की ।

मेरा मन विचलित है इस सफ़र में ।

written by:- sapan agrawal

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©सपन अग्रवाल

माँ तू ही सब कुछ हैं

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‘अकेलापन’ और ‘एकांत’

'अकेलापन' और 'एकांत'
'अकेलापन' और 'एकांत'
‘अकेलापन’ इस संसार में

सबसे बड़ी सज़ा है.!
और ‘एकांत’
सबसे बड़ा वरदान.!

ये दो समानार्थी दिखने वाले
शब्दों के अर्थ में
आकाश पाताल का अंतर है।

अकेलेपन में छटपटाहट है,
एकांत में आराम.!

अकेलेपन में घबराहट है,
एकांत में शांति।

जब तक हमारी नज़र
बाहरकी ओर है
तब तक हम
अकेलापन महसूस करते हैं.!

जैसे ही नज़र
भीतर की ओर मुड़ी,
तो एकांत
अनुभव होने लगता है।

ये जीवन और कुछ नहीं,
वस्तुतः
अकेलेपन से एकांत की ओर
एक यात्रा ही है.!

ऐसी यात्रा जिसमें,
रास्ता भी हम हैं,
राही भी हम हैं और
मंज़िल भी हम ही हैं.!!

घर में अकेलापन नहीं अपनापन है इसका आनंद लीजिए।