समय

समय

समय/वक्त
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वक़्त ही है, जो हर आईना दिखा देता है।
वक़्त ही है, जो पत्थरों को भी खुदा बता देता है।

डर है गर ज़िंदगी में, तो वक़्त से डरकर ही रहना,
यही वो लहर है, जो दरिया को भी समन्दर बना देता है।

साया भी छोड़ता है साथ, वक़्त के बुरे साये में,
इंसान क्या चीज़ है, वक़्त को वक्त ही हरा देता है।

सम्भल जाओ ज़रा, वक़्त से पहले ऐ दुनिया वालो,
ये वही है, जो रूह निकलते ही,इंसान को जला देता है।

मेरी नाकामी पे, बहुत हँसती है ये दुनिया नीलोफर,
बता दो, कामयाबी ही नाकामी का लफ्ज़ मिटा देता है।

©️Nilofar Farooqui Tauseef
Fb, IG-writernilofar

आईनापृथ्वी माँकचरे का अंबारNews Updates, समय

आईना

आईना

आईना

तेरी यादें हुई वो आईना, जिसने कभी सच को दिखाया नहीं
तेरी सांसे न कर सकी वफ़ा, जिनसे मैंने कुछ भी छिपाया नहीं
हां तेरी यादें हुई वो आइना, जिसने कभी सच को दिखाया नहीं
यादों का असर कुछ ऐसा हुआ, मैंने खुद को कभी खुद में पाया नहीं।
तेरी यादें हुई वो आईना, जिसने कभी सच को दिखाया नहीं ।

मेरे मन में समाया, मेरे दिल में समाया, नस-नस में समाया सा रहता है तू ,
कुछ तुमने कहा कुछ हमने सुना, हर पल बस सच सा ही कहता है तू ,
हां तू है वही जिसने बदली मेरी मंज़िल, मगर रस्ता है वही,
अब ना है मुझे कुछ तेरी ख़बर, और है तेरा कोई साया नहीं,
तेरी यादें हुई वो आईना, जिसने कभी सच को दिखाया नहीं ।

जिस तरह से जुड़ा था यह तुझसे मेरा दिल , मैंने कभी ना सच को है जाना,
ना चाहत बची थी झुका था ज़माना, बस सपना था एक मुझे तुझमें समाना,
अब आया ये ज़िगर, तुझपे ओ हमसफ़र, कहीं और मुझे अब तो जाना नहीं,
मुझे तो बदला है तूने बेखबर, पर खुद को बदल तू पाया नहीं,
तेरी यादें हुई वो आईना, जिसने कभी सच को दिखाया नहीं ।।

Naman Jain
@ naman9203

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