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बेइन्तेहा इश्क़

बेइन्तेहा इश्क़ उसकी एक अदा पर दिल कुर्बान करने को जी चाहता हैं, उसे गले लगाकर अपना बनाने को जी चाहता हैं। ©️दीपशिखा अग्रवाल।   रोश्निदान हैं इश्क़ मेरा आज...