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Tag: शहीद

सेना का जवान

सेना का जवान

सेना का जवान शहीद हुआ देश ही उसका छिन गया
छिन गया माँ की ममता का आँचल पिता का साया छिन गया
जो वर्दी पहनकर वो इतराता वो काया छिन गया
शहीद हुआ आज एक जवान दुनिया का सितारा छिन गया।।

सरहद पार सिपाही था उसकी शहादत साफ़ थी
नेक दिल व्यक्तित्व था
इबादत उसकी माफ़ थी
उसका व्यक्तित्व ही समाज का आईना था
उसका अस्तित्व ही खुशकिस्मत नगीना था
वो जो शहीद हुआ उसका वापस आना छिन गया
उसके न आने से देश का एक खज़ाना छिन गया।।

©️अंकिता वीरेंद्र नारायण श्रीवास्तव

सेना का जवान

एक फौजी के अल्फाज……

शहीद

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शहीद

शहीद

शहीद,

धरती पीली, अम्बर नीला,
तुझको शीष झुकाऊं माँ।
तेरी ही माटी का मैं गुड्डा,
तुझपे जान लुटाऊं माँ।

जन्म दिया जिस माँ ने,
उसका भी कर्तव्य निभाऊं माँ।
आँख करे जो तिरछी तुझपे,
उसको चीर के आऊँ माँ।

तेरी आन की खातिर मैं,
शहीद भी हो जाऊं माँ।
लिपट कर आऊँ तिरंगा में,
तेरी मिट्टी से लिपट जाऊँ माँ।

गद्दारों को निकाल देश से,
चुनर तेरी धानी कर जाऊँ माँ।
आन , बान, शान है तू मेरी
कैसे तुझे भुलाऊं माँ।

पापी का नाश कर मैं
तेरी गंगा में नहाऊं माँ
बांध चलूं मैं कफ़न सर पे
दुश्मन से टकरा जाऊँ माँ

नमन करूँ शीष झुकाऊं
जान अर्पित कर जाऊँ माँ
तेरी ही माटी का मैं गुड्डा,
तुझपे जान लुटाऊं माँ।

©️Nilofar Farooqui Tauseef
Fb, IG-writernilofar

ह्रदय की पीड़ा

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एक वादा ऐसा भी

एक वादा ऐसा भी

एक वादा ऐसा भी

रोना मुनासिब न था,
मातृभूमि का बुलावा आया था।

एक माँ ने अपने बेटे को गले लगाकर,
विजय भव: का आशीर्वाद दिया था।

एक नई शौर्यगाथा लिखने चल पड़ा था वो,
अपनी माँ से मातृभूमि के लिए एक वादा करके जा रहा था जो वो।

कह गया लौटूंगा ज़रूर,
चाहे लौटु जिंदा या लौटु शहीद होकर।

जंग खत्म हुआ और जीत की खबर सुनीं,
मां अपने बेटे का इंतजार कर रहीं थीं।

लौटा बेटा अमर होकर,
आया शहीद तिरंगे में लिपटकर।

मां का सीना गर्व से चोड़ा हुआ,
फिर बेटे के जाने के ग़म से चकनाचूर हुआ।

बेटा तो चला गया,
अब मां भी जीकर क्या करतीं।

उसने भी वहीं अपने प्राण त्याग दिए,
अपने मातृत्व का वादा निभातें हुए वह भी अपने बेटे संग अंतिम यात्रा पर जाने को‌ सज्ज हुई।

रोता‌ रह गया ज़माना,
देखता‌ रह गया ज़माना।

वाह वाही करता रह गया ज़माना,
एक मां और बेटे के वादें पूर्ण होने का दृश्य एकटक देखता रह गया ज़माना।

©️दीपशिखा अग्रवाल!

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