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मैं समय हूं

मैंने दक्ष के द्वारा होते, सती का अपमान देखा है । मैंने एक मां के द्वारा होते, ध्रुव का तिरस्कार देखा है। मैंने समुद्र मंथन से विष निकलते और अमृत...
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शहीद

शहीद, धरती पीली, अम्बर नीला, तुझको शीष झुकाऊं माँ। तेरी ही माटी का मैं गुड्डा, तुझपे जान लुटाऊं माँ। जन्म दिया जिस माँ ने, उसका भी कर्तव्य निभाऊं माँ। आँख...
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एक वादा ऐसा भी

एक वादा ऐसा भी रोना मुनासिब न था, मातृभूमि का बुलावा आया था। एक माँ ने अपने बेटे को गले लगाकर, विजय भव: का आशीर्वाद दिया था। एक नई शौर्यगाथा...