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मै कौन हूँ

मैं कोई कोरी खुली किताब नही जब चाहे जो चाहे लिख जाये अपनी विचारो की कलम से मेरे दिल को भेद जाये। मै तो एक जीवन के रंगों से रंगी...
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समय

समय/वक्त -◆★-★◆-◆★-★◆- वक़्त ही है, जो हर आईना दिखा देता है। वक़्त ही है, जो पत्थरों को भी खुदा बता देता है। डर है गर ज़िंदगी में, तो वक़्त से...