मुस्कान मेरे रूह से निकले
मेरे चेहरे के नूर को तके
मुस्कान मेरे दिल से निकले मेरे पहरे के हूर को तके
मुस्कान साफ हो ख़ुदा की इबादत हो
मैं खुश रहूँ या न रहूँ मेरी मुस्करकने की आदत हो
मुस्कान मेरे जिस्म से निकले।।

मुस्कान तकलीफ़ न दे कभी
न किसी की खिदमत हो
मुस्कान तारीफ़ न दे कभी न किसी की रहमत हो
मुस्कुराहट साफ़ हो खुदा की इबादत हो
मैं खुश रहूँ या न रहूँ मेरी मुस्कुराने की आदत हो
मुस्कान मेरे जिस्म से निकले।।

©️Ankita Virendra Narayan Shrivastava IG virendraankita

दर्द ऐ मोहब्बत

News Updates